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"कुछ अनकही बातें"

"कुछ अनकही बातें" कुछ अनकही बाते जो कही नहीं जाती....पर जानता हु मैं की समझती हो तुम..... कुछ अहसास जो दिखाए  नहीं जाते....कुछ शब्द जो बोले नहीं जाते....  कुछ भावनाये जो व्यक्त नहीं की जाती....पर जानता हु मैं की समझती हो तुम.... कुछ अनसुलझे रहस्य जिनसे वाकिफ हो तुम.... कुछ अनजान किस्से....कुछ अनजान पल.... कुछ अनजान दौर....जिनकी गवाह हो सिर्फ  तुम.... कुछ अजनबी रास्ते....कुछ अजनबी मंजिले....  कुछ अपरिचित सपने....कुछ  अनगिनत यादे.... जिनसे भली-भाँती वाकिफ हो तुम.... क्योकि....समझती हो तुम मुझे....मेरे सपनो को.... मेरी भावनाओ को....मेरे अहसास को.... मेरी इच्छाओ  को और.... समझती हो कुछ  अनकही बातो  को जो कोई नहीं जानता........"तुम्हारे सिवा" @ansh_diaries

"एक बार फिर से"

चलो जी ले जिंदगी एक बार फिर से गुनगुना ले कुछ संगीत एक बार फिर से तुम कुछ सुनाओ..मै कुछ कह दू आज एक बार फिर से... कुछ सपने तुम बुनो... उन सपनों में रंग भर दू एक बार फिर से.. एक दूसरे पर प्यार जताया जाए एक दूसरे कि परवाह की जाए..... एक बार फिर से कुछ पुरानी बातो को याद किया जाए कुछ समझा जाए...कुछ समझाया जाए.. इस दुनिया से बेखबर हो कर खोया जाए...... एक बार फिर से शब्द निकलने से पहले समझ लिया जाए आंखो ही आंखो में मन के भाव पढ़ लिए जाए क्यों ना एक दूसरे में समाया जाए....... एक बार फिर से कुछ एहसासों को जिंदा किया जाए कुछ बिछड़े लम्हों को दोहराया जाए काश...जो गुजर चुका है वो पल फिर से आ जाए और आ जाओ तुम भी एक बार फिर से....काश....एक बार फिर से...

"अविस्मरणीय मित्र"

उज्जवल हो चाँद के समान तुम, जगमगाते तारो से भरा आसमान हो तुम, टिमटिमाते दीपक की रौशनी और... सुरज सा प्रकाशमान हो तुम... !!! फूलों की फुलवारी और...    प्यारी सी महक हो तुम,       खुशबू हो चन्दन की,                 चिड़िया की चहक हो तुम... !!!  घनघोर घटाओ में, बरसता सावन हो तुम, इस मटमैली दुनियाँ में, पवित्र और पावन हो तुम... !!!                                        जन्नत की परी और....   प्यारा सा जहान हो तुम, पूजा हो, प्रार्थना हो,           गीता और कुरान हो तुम...!!! मंदिर हो, मस्जिद हो, चर्च और अजान हो तुम,  ईश्वर की अनुपम कलाकृति, एक अद्भुत इंसान हो तुम...!!! मंद-मंद बहती हुई नदी     गिरता हुआ झरना हो तुम, श्रृंगार हो प्रकृति का,             सौन्दर्यता का प्रतीक हो तुम, अनेक रंगो से मिल कर बना, चित्रकार का चित्र हो तुम...

बहुत याद आयेगा

बहुत याद आयेगा वो हंसना वो खेलना रूठना और मनाना याद आयेगा वो रोना और आंसू पुछना वो प्यार वो मस्ती... वो तुम्हारे साथ गुजरा हर एक लम्हा बहुत याद आयेंगे वो पल जो गुजारे है तुम्हारे लिए वो दिन, जो जिए है सिर्फ तुम्हारे लिए वो सुबह जो हुई है आपके साथ वो रात जो काटी है यादों के साथ... याद आएगी वो कसमे, वो वादे, वो इरादे बहुत कुछ अनहका-अनसुना याद आएगी वो अनगिनत यादे जो दे के जा रही हो तुम तोहफे में...... याद आयेगा सब कुछ तुम्हारे जाने के बाद जब जाओगी तुम मुझे तन्हा छोड़ के वादा है तुमसे कभी नहीं भूलेगे सहेज के रखेगे तुम्हारी यादों को, दिल के किसी कोने में जब याद आएगी तो पलट लेगे अतीत के पन्नों को थोड़ा हंस लेगे, थोड़ा रो लेगे पर तुमसे शिकायत ना करेगे हर पल तेरी खुशियों की दुआ करेगे ये सब होगा उस समय जब खो जाओगी तुम दुनिया की इस भीड़ में और अकेला रह जाउगा में यादों के समंदर में..... @ansh_diaries